Unagi 鰻
ईल (उनागी)
उनागी विशेष रेस्तरां में भी खाना चाहेंगे
उनागी का मिज़ाज कुछ अलग ही होता है, और इस सूक्ष्म एहसास को विदेशी मेहमानों तक पहुँचाना काफ़ी मुश्किल है। यह लोकप्रिय टॉपिंग है, पर इसने ऐसा नायक-सा दर्जा बना लिया है कि यह अकेले ही एक पूरा व्यंजन बन जाता है, इसलिए लोग इसे सुशी रेस्तरां में खाने की ख़ास उम्मीद नहीं रखते। बल्कि ऐसा लगता है कि उनागी को किसी उनागी विशेष रेस्तरां में उनाजू (चावल पर ईल) नामक एक अलग व्यंजन के रूप में खाना ज़्यादा अच्छा लगे।
फिर भी संक्षेप में बताएँ तो — यह अनागो (समुद्री ईल) से बहुत मिलती-जुलती है, पर पूरी तरह उससे बेहतर किस्म है और बेहद स्वादिष्ट है। अनागो अपना पूरा जीवन समुद्र में बिताती है, जबकि उनागी अपना अधिकांश जीवन नदियों और झीलों जैसे मीठे पानी में बिताती है और केवल अंडे देने के लिए समुद्र में जाती है। उनागी में तेल और पोषण स्पष्ट रूप से अधिक होते हैं, और जापानी पाक-कला में इसने सच्चे अर्थों में मुख्य भूमिका वाले घटक का दर्जा बना लिया है।
उनागी विशेष रेस्तरां में भी ज़रूर जाकर उनाजू और हित्सुमाबुशी जैसे व्यंजनों का आनंद लीजिए।
उद्गम: कागोशिमा, मियागी, आइची मौसम: जंगली किस्म सर्दियों में