Hokki-gai 北寄貝
होक्की क्लैम
जीवनशैली रोगों से बचाव में सहायक
होक्की-गाई (होक्की क्लैम) होक्काइदो जैसी ठंडी जगहों के समुद्रों में ख़ूब पकड़ी जाती है, और सुशी की नेटा के रूप में तो ख़ैर, साशिमी की थाली (मोरी-अवासे) वग़ैरह में भी अक्सर इस्तेमाल होने वाली सीप है। कांजी (चीनी अक्षरों) में इसे “किता-योरी-गाई” लिखते हैं, पर इसका आधिकारिक नाम उबा-गाई है, ऐसा कहते हैं। बड़ी होकर खाने लायक़ आकार तक पहुँचने में इसे ४–५ साल लगते हैं।
कुरकुरी-कसैले (कोरी-कोरी) टेक्सचर के साथ नम-नम उभरने वाला उमामी — ऐसा जायका। कच्ची भी स्वादिष्ट है, पर कुछ इलाक़ों में बहुत-से लोग इसे ताकिकोमी-गोहान (मिली-जुली पकाई चावल की डिश) वग़ैरह बनाते भी हैं, ऐसा लगता है।
इसमें मौजूद पोषक तत्वों की अधिकता के लिए भी यह मशहूर है, और इसमें जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए अच्छा माना जाने वाला टॉरीन होता है।
उद्गम: होक्काइदो आदि मौसम: साल भर